लखनऊ की दुकानों के लिए लॉयल्टी
लखनऊ के पक्के ग्राहकों को अपने काउंटर पर लौटाते रहिए
लखनऊ की दुकानें रिश्तों से चलती हैं, चौक और अमीनाबाद की पुरानी गलियों से लेकर हज़रतगंज, अलीगंज और गोमती नगर तक। Regularhood इसी रिश्ते को ग्राहक के फ़ोन नंबर पर एक आसान स्टैम्प कार्ड बना देता है, ताकि पक्के ग्राहक को पता रहे कि आपके पास उसकी अगली विज़िट गिनी जाएगी।
- शुरू करना मुफ़्त
- ग्राहकों को ऐप नहीं चाहिए
- हिंदी और English
अलीगंज स्वीट्स एंड बेकरी
ग्राहक वापस क्यों नहीं आते
नए मॉल, नई आदतें
गोमती नगर और आसपास नए बाज़ार और बड़े स्टोर खुलते हैं, तो पुराने परिवार भी उन्हें आज़माते हैं। मोहल्ले की दुकान को पहली पसंद बने रहने की वजह चाहिए।
एक गली, कई दुकानें
अमीनाबाद या भूतनाथ मार्केट में वही मिठाई, कपड़े और राशन अगल-बगल बिकते हैं। ग्राहक उसी दुकान पर टिकता है जो उसे याद रखे।
त्योहार के बड़े बिल, फिर लंबा अंतर
ईद, दिवाली और शादियों के सीज़न में बड़े ऑर्डर आते हैं। याद न दिलाया जाए तो कई ग्राहक अगले मौके तक नहीं लौटते।
आपके काउंटर पर ऐसे काम करता है
विज़िट गिनें
ग्राहक का फ़ोन नंबर टाइप करें और विज़िट जोड़ें दबाएँ। पुराने ग्राहक 4 अंक लिखते ही दिख जाते हैं, और नया नंबर तुरंत ग्राहक बन जाता है।
कार्ड WhatsApp पर
एक टैप में ग्राहक को उसका कार्ड WhatsApp पर हिंदी या अंग्रेज़ी में मिल जाता है, स्टैम्प और बाकी विज़िट के साथ।
इनाम दीजिए
जो विज़िट आपने तय की, उस पर ऐप बताता है कि अब इनाम दें। दिया दबाइए और कार्ड फिर से शुरू हो जाता है।
इनाम के आइडिया
ग्राहकों को बार-बार बुलाने के तरीके
- लखनऊ के ग्राहक तहज़ीब पर ध्यान देते हैं: जब पक्के ग्राहक का नंबर आए तो उन्हें नाम से बुलाएँ और बताएँ कि इनाम में कितनी विज़िट बाकी हैं।
- ईद और दिवाली से पहले पक्के ग्राहकों को WhatsApp पर उनका कार्ड भेजें, ताकि त्योहार की खरीदारी में उन्हें अगला इनाम याद रहे।
- चिकनकारी और कपड़ों की दुकानों पर ग्राहक कम बार आते हैं, इसलिए विज़िट की संख्या कम रखें ताकि इनाम पास लगे।
- महीने में एक बार उन ग्राहकों की सूची खोलें जो लौटकर नहीं आए, और तैयार मैसेज भेजें; एक अदब भरी बात से कई लौट आते हैं।
सवाल-जवाब
क्या Regularhood लखनऊ की मिठाई की दुकानों और बेकरी में चलता है?
हाँ। मिठाई की दुकान, बेकरी और ऐसी दुकानें जहाँ छोटे-छोटे बिल बार-बार बनते हैं, उनके लिए यह बढ़िया है: हर विज़िट काउंटर पर बस एक टैप है।
क्या यह हिंदी में है?
हाँ। दुकान का ऐप और ग्राहक का WhatsApp कार्ड, दोनों हिंदी और अंग्रेज़ी में चलते हैं।
क्या ग्राहकों को स्मार्टफ़ोन या ऐप चाहिए?
नहीं। कार्ड उनके फ़ोन नंबर पर है, इसलिए किसी भी फ़ोन वाला ग्राहक स्टैम्प जमा कर सकता है, और किसी को कुछ इंस्टॉल नहीं करना पड़ता।
अगर गलती से विज़िट जुड़ जाए तो?
कोई भी विज़िट या इनाम वापस लिया जा सकता है। एक फ़ोन नंबर दिन में एक ही बार गिना जाता है, इसलिए गलती से दो स्टैम्प नहीं लगते।
इसका खर्च कितना है?
Regularhood शुरू करना मुफ़्त है, और आप इसे करीब एक मिनट में सेट कर सकते हैं।
आपका अगला पक्का ग्राहक आज ही आएगा।
आपके अपने फ़ोन पर दो मिनट में सेटअप। शुरू करना मुफ़्त है।